Jyotish Praveshika (ज्योतिष प्रवेशिका)
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Chandrashekhar Mishra - Bharatiya Vidya Sansthan
Jyotish Praveshika (ज्योतिष प्रवेशिका)
ज्योतिष प्रवेशिका (Jyotish Praveshika) “ज्योतिषां सूर्यादिग्रहाणाम् बोधकं शास्त्रं ज्योतिषशास्त्रम्” के अनुसार सूर्यादि ग्रह एवं काल का बोध कराने वाले शास्त्र को ज्योतिषशास्त्र कहा गया है। इसमें प्रमुख रूप से ग्रह, नक्षत्र, तारागण, धूमकेत्वादि ज्योतिपदार्थों के स्वरूप, संचार, परिभ्रमण, पथ व काल, ग्रह नक्षत्रों की गति, स्थिति व इनके संचरण के आधार पर शुभाशुभ फलों का कथन किया जाता है। भारतीय मनीषियों की सर्वप्रथम दृष्टि सूर्य एवं चन्द्रमा पर पड़ी थी। उन्होंने इनसे अभिभूत होकर इन्हें देवत्वरूप में मान लिया था। इसका स्पष्ट प्रमाण वैदिक साहित्य में जगह-जगह पर सूर्य एवं चन्द्रमा से सम्बधित स्तुतिपरक मन्त्रों से प्राप्त होता है। बाद में ब्राह्मण व अरण्यक काल में परिभाषा का स्वरूप बदलता पाया गया है।
Author : Chandrashekhar Mishra
Publisher : Bharatiya Vidya Sansthan
Language : Sanskrit & Hindi
Edition : 2008
Pages : 80
Cover : Paper Back
ISBN : -
Size : 12 x 2 x 19 ( l x w x h )
Weight :
Item Code : BVS 0076
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